Wednesday, May 20, 2020

आधुनिक शिक्षा पद्धति /खराब शिक्षा पद्धति

वर्तमान में आधुनिक शिक्षा के प्रचलन के कारण हमारे सामाजिक मूल्यों का तेजी से ह्रास हो रहा है।
वर्तमान युग में पढ़ाने तौर-पाठ्यक्रमों में उपयोग में ली जा रही सामग्री का कोई तालमेल नहीं है जिससे समाज का अपेक्षित बदलाव नहीं हो पा रहा है।
                                                    वर्तमान समय में प्रतियोगिता में आगे रहने के आग्रह से माता-पिता इतने अंधे हो गए हैं कि उन्हें एहसास ही नहीं होता है कि वह बच्चे को गलत दिशा में धकेल रहे हैं।
                                                एक ऐसी उम्र में जब बच्चे को आध्यात्मिक रुचि में बढ़ावा देना चाहिए उसे निर्धारित पाठ्यक्रम का पालन करने के लिए दबाव डाला जाता है। यह हमारे सामाजिक मूल्यों के पतन का मुख्य कारण है।
हमारे देश में खराब शिक्षा पद्धति को सुधारने के अनेक कदम उठाए गए परंतु अब तक उसमें कोई सफलता नहीं मिली।
प्राचीन का में हमारे देश में धार्मिक शिक्षा को महत्वता दी जाती थी तथा मनुष्य को अपने धर्म ग्रंथों, शास्त्रों, वेदों का ज्ञान दिया जाता था। तथा सभ्य बनाया जाता था जो शिक्षा पद्धति आज हमारे देश पूर्णतः लुप्त हो चुकी है।
शिक्षा पद्धति ऐसी होनी चाहिए जिसमें मनुष्य को चरित्रवान, सभ्य तथा नैतिक मूल्य की समझ, हमारे सभी धर्म ग्रंथों का ज्ञान आदि की जानकारी हो। मनुष्य को अपनी सभ्यता, संस्कृति, जीवन के मूल्यों को पहचानने के लिए अच्छी शिक्षा पद्धति का होना आवश्यक है। एक तरफ मनुष्य इन सभी चीजों से दूर होता नजर आ रहा है परंतु दूसरी तरफ 
                     मनुष्य में सभी प्रकार के अच्छे व्यवहार, चरित्रवान, अपनी संस्कृति, अपनी सभ्यता, अपने नैतिक मूल्यों का ज्ञान हो रहा है तथा उनकी शिक्षा संपूर्ण धर्म-ग्रंथों के आधार पर दी जा रही हैं। और ऐसा केवल संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में ही संभव होता नजर आया हैं। उनके द्वारा दी गई शिक्षा पद्धति में मनुष्य में सभी अच्छे गुणों का विकास हो रहा है जो वर्तमान में असंभव था। 

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How can get Real freedom?

How can You get Real Freedom? Answer :- Real freedom can only be achieved in the following manner : Real freedom means getting rid ...