आध्यामिक गुरू :-
मानुष जन्म दुर्लभ है, मिले न बारम्बार ।
अर्थात् मनुष्य जन्म बहुत ही दुर्लभ हैं, बार बार नहीं मिलता।
हमें मनुष्य जीवन एक महत्वपूर्ण उद्देश्य की प्राप्ति के लिए मिलता हैं।
सभी को अपने मानव जीवन में आध्यात्मिक गुरू बनाकर उनके द्वारा बताई गई भक्ति विधि से साधना करनी चाहिए। यही मानव जन्म का मूल उद्देश्य हैं।
आध्यात्मिक गुरू वह है जो हमें शास्त्रों के अनुकूल साधना बताता हैं। तथा जिनके पास तत्वज्ञान हो।
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| आध्यात्मिक गुरू |
आध्यात्मिक गुरु की आवश्यकता :-
- आत्मा का परमात्मा से मिलन के लिए।
- हरि(परमात्मा) प्राप्ति के लिए ।
- मनुष्य जन्म प्राप्त करके सफल बनाने के लिए।
- सतगुरू से उपदेश लेकर मोक्ष प्राप्ति के लिए।
- पूर्ण सतगुरू से उपदेश लेकर अपने निज धाम सतलोक जाने के लिए जहां जाने के बाद साधक कभी वापस लोटकर नही आता।
- 84 लाख योनियोंं से छुटकारा पाने के लिए।
- काल के लोक होने वाले कष्टों से मुक्ति व सुख प्राप्ति के लिए।
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| पूर्ण सतगुरू |
अत: पूर्ण सतगुरु से उपदेश लेकर मनुष्य जीवन को सफल बनाएं तथा जन्म मरण के रोग से मुक्ति पाएं। व अपने निजी लोक सतलोक में जाने के लिए पूर्ण सतगुरु संत रामपाल जी महाराज से उपदेश ले क्योंकि पूरे विश्व में केवल संत रामपाल जी महाराज ही पूर्ण सतगुरु है जो तत्वदर्शी संत है।


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